उपवास fasting

उपवास के चमत्कार या बेकार?? Is fasting good for health ??

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दोस्तों ! Fasting उपवास या व्रत का हमारी भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान हैं! देश में हिंदू,मुस्लिम सभी धर्मों के लोग व्रत या उपवास करतें हैं! भले ही सभी का उपवास करने का तरीका अपने धर्म के अनुसार अलग-अलग हैं लेकिन सभी धर्मों मे उपवास को अच्छा माना जाता हैं!

अगर आप लंबे समय तक बिना बिमारियों से ग्रसित हुए जीना चाहतें हैं तो आपको हफ्ते में एक दिन Fasting या उपवास जरूर करना चाहिए! उपवास को आयुर्वेद में तो बहुत महत्वपूर्ण माना गया हैं।

लंघन्‌म सर्वोत्तम‌‌‍‌‍ औषधं। अर्थात् उपवास ही सर्वोत्तम औषधि हैं। fasting से हमारा पाचन तंत्र सुचारू रूप से चलता रहता हैं।

आइए जानतें हैं उपवास करने से क्या- क्या लाभ होते हैं।

दोस्तों! उपवास करने से एक नहीं कई सारे लाभ होते हैं अगर उपवास को उचित तरीके से किया जाए।

नोट- सभी धर्मों में अपने धर्म के विधि-विधान के अनुसार उपवास किया जाता हैं! यहाँ लेखक का उद्देश्य किसी धर्म विशेष के उपवास विधि-विधान में हस्तक्षेप करना नहीं हैं! लेखक तो सिर्फ यह बताना चाहता हैं कि उपवास किस प्रकार किया जाए ताकि किसी बीमारी विशेष में वांछित लाभ प्राप्त हो सके!

आइए जानते हैं।

1. Fasting for weight loss (वजन कम करने के लिए उपवास)

दोस्तों वजन कम करने के लिए उपवास बहुत उपयोगी सिध्द होता हैं! fasting से कम समय मे ही वेट लॉस में बहुत अच्छा परिणाम मिलता हैं! बस जानना यह हैं कि फास्ट किस प्रकार किया जाए ताकि बेहतर परिणाम मिल सकें!

आइए जानतें हैं।

वजन कम करे, बिना जिम, बिना एक्सरसाइज़

वजन कम करने के लिए जब फास्टिंग की बात आती है तो हमारे सामने एक शब्द आता हैं! Intermittent fasting. इंटरमिटेंट से आशय हैं ” रुक रुक कर ” खाना अर्थात् कुछ निश्चित समय के लिए खाना और फिर कुछ समय के लिए नहीं खाना।

INTERMITTENT FASTING क्या हैं?

इण्टरमीटेंट फ़ास्टिंग आपके खाने के तरीके को मैनेज करता है अर्थात् आपको कब खाना चाहिए और कब नहीं खाना चाहिए! intermittent fasting मेँ आपका खाने का तरीका बदलता है ना कि आपका खाना! वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग बहुत ही अच्छा उपाय माना जाता है और इसके रिजल्ट भी अच्छे आते हैं! इंटरमिटेंट फास्टिंग करना आधुनिक लाइफस्टाइल के अकॉर्डिंग उपयुक्त भी रहता है! इसमें हमें कैलोरी कंजप्शन को निश्चित समय अंतराल में कम करना होता है और कुछ निश्चित समय अंतराल में खाना नहीं खाना होता है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग से फायदे

  • weight loss
  • पाचन क्रिया सही होना
  • हेल्दी हार्ट
  • स्वस्थ मस्तिष्क
  • कॉमन डिजीज से छुटकारा आदि कई सारे फायदे हैं।

Intermittent फास्टिंग के प्रकार

A. 16 / 8 घन्टे वाला उपवास

इस विधि को लीनगेन्स प्रोटोकॉल के नाम से भी जाना जाता हैं! यह तरीका फिटनेस एक्सपर्ट Martin Berkhan ने बताया था। इसमे 24 घंटो मे से 14-16 घंटे उपवास करना होता हैं और खाने के समय को 8-10 घंटे तक सीमित रखना होता है। खाने की अवधि में आप एक या दो बार भोजन कर सकते हैं।

अब आपकों 24 घंटो में से कौन से 16 घन्टे उपवास रखना हैं यह आप पर निर्भर करता हैं! आप अपनी लाइफ स्टाइल के according इन 16 घंटों का चयन कर सकतें हैं!

उदाहरण के लिए, यदि आप अपना अंतिम भोजन शाम 7 बजे तक समाप्त करते हैं! तो आपको अगले दिन 12 बजे तक नहीं खाना चाहिए! महिलाएं को केवल 14-15 घंटे उपवास रखना चाहिए क्योंकि वे थोड़ा कम उपवास के साथ बेहतर महसूस करती हैं।

ध्यान रहें- उपवास के समय मे आप हल्का गुनगुना पानी पर्याप्त मात्रा में पीते रहें! यदि आपको अत्यधिक भूख सता रही हैं तो आप ज़िरो कैलोरी ड्रिंक ले सकते हैं!

सबसे महत्वपूर्ण- 16 घंटे के उपवास के बाद आपका खाना हेल्दी होना चाहिए! फास्ट फूड, अधिक कैलोरी वाला खाना, ज्यादा मिर्ची मसालो से बचना चाहिए! याद रहे हमें जीभ का स्वाद नहीं चाहिए बल्कि वजन कम होना चाहिए !

B. 5/2 दिन वाला तरीका

सप्ताह के 2 दिनों के लिए 500-600 तक के कैलोरी सेवन को प्रतिबंधित करते हुए सप्ताह के 5 दिनों का भोजन शामिल किया जाता है। इसे फास्ट डाइट भी कहते हैं! यह ब्रिटिश पत्रकार माइकल मोस्ले द्वारा प्रसारित की गई थी।

C. Alternative day fasting

उदाहरण:- आप सप्ताह के मंगलवार और शुक्रवार को छोड़कर सप्ताह के प्रत्येक दिन समान्य खाना खा सकते हैं! इन दो दिनों के लिए, आप अपने भोजन ( 500-600 कैलोरी) को दो भागो मे बांटकर खा सकते हैं! महिलाए इन दो दिनों 250 कैलोरी के 2 भोजन और पुरुषों 300 कैलोरी के दो भोजन खा सकते हैं!

इस पद्धति में, आप हर दूसरे दिन उपवास करते हैं। अर्थात् एक दिन दिन फास्ट एक दिन समान्य खाना! इस पद्धति में आप एक दिन छोड़कर एक दिन भूखे रहते है जो कि आपको सुखद महसूस नहीं हो शायद! और शायद इसे लम्बे समय तक नहीं चलाया जा सकता हैं! बाकी आप अपनी पसंद के अनुसार अपना तरीका अपना सकते हैं!

D. ESE method

Eat stop eat (ईट स्टॉप ईट) method मे प्रति सप्ताह एक या दो बार 24 घंटे का उपवास करना होता हैं! यह विधि फिटनेस विशेषज्ञ ब्रैड पिलोन द्वारा लोकप्रिय बनाई गई! इस पद्धति 24 घंटो के लिए ठोस पदार्थो को avoid किया जता हैं! जो कई लोगों के लिए काफी कठिन हो सकता है। आप 16/8 घंटे वाला तरीका अपनाते हुए शुरू कर सकते है, फिर धीरे -धीरे बढ़ा ले।

2. भूख बढ़ाने के लिए उपवास [Fast To increase hunger]

बहुत बार एसा होता हैं कि हमें भूख का अहसास ही नहीं होता! किसी ने खाना परोस दिया या सभी के खाने का टाईम हो गया तो चलो ! हम भी खाना खा लेते हैं! यह बहुत विकट स्थिति हैं। भूख नहीं लगती हो तो आप 16/8 घन्टे वाला उपवास कीजिये! [यह उपवास आप तब तक चालू रखे जब तक आपको अच्छे से भूख महसूस नहीं हो जाए] और जब खाने वाला समय आये तो 20-30 मिनट्स पहले अदरक का टुकडा सेंधा नमक साथ चबा -चबा कर खा लें! खाना खाने के बाद छाछ का सेवन, चावल के पानी के साथ हींग और नमक का भी सेवन कर सकते हैं।

इस प्रकार 16/8 उपवास तरीका और खाना खाने से पहले ऊपर बताई गई चीजों का सेवन काराए है तो आपको जरूर भूख का अहसास होगा! भूख लगने का मतलब हैं कि हमारा शरीर खाने को तैयार हैं, इस टाईम खाना खायेंगे तो शरीर आसानी से पचा पायेगा।

● उपवास से लाभ का वैज्ञानिक तर्क [Scientific rationale of benefit from fasting ] ●

उपवास करने से आपके पाचन तंत्र को आराम मिलता है, और यह पाचन तन्त्र को मजबूत बनाता है! जैसे-जैसे हमारे शरीर को भोजन की भूख लगती है,शरीर में कई प्रकार के परिवर्तन होते हैं!

देखो! जब शरीर को कार्बोहाइड्रेट आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, तो शरीर उन्हें ईंधन के रूप में उपयोग करना शुरु कर देता हैं, और ऊर्जा बनती रहती हैं! परंतु जब कार्बोहाईड्रेट आसानी से नहीं मिलते है तो अपना शरीर ऊर्जा बनाने के लिए किसी दुसरी चीज को ढ़ूँढ़ना शुरु कर देता हैं।

इस प्रकार जब शरीर कार्बोहाइड्रेट की अनुपस्थिति में ऊर्जा बनाने के लिए नोन कार्बोहाइड्रेट चीजे काम लेता हैं तो इस प्रोसेस को gluconeogenesis नाम से जाना जाता हैं! इस प्रोसेस मे अमीनो एसिड आदि से ऊर्जा बनाई जाती हैं! उपवास के बाद, अपने रक्त में carnitines, butyrate जैसे कई metabolites का स्तर बढ़ जाता हैं! purine pyrimidine का स्तर भी बढ़ जाता हैं! ये सभी केमिकल प्रोटीन संश्लेषण और gene expression की वृद्धि का संकेत देते हैं! इस प्रकार हमे ये पता चलता हैं कि उपवास करने से प्रोटीन के उस प्रकार की वृद्धि होती है जो कोशिकाओं को अपना काम अच्छे से करने मे सहायक होता हैं! इसलिए उपवास करना लाभप्रद होता हैं।

3. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उपवास [Fasting to increase immunity]

उपवास करने से प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्घि होती हैं! उपवास के समय हमारे शरीर को रेस्ट का समय मिल जाता हैं! इस समय में शरीर अपने आप को समय देता हैं! जैसे- पाचन तन्त्र हमेशा भोजन को पचाने का कार्य करता रहता हैं! लेकिन जब हम फास्ट करतें हैं तब पाचन तन्त्र स्वयं को समय देता हैं! अर्थात् वह पाचन तन्त्र में जमा हुए अनावश्यक पदार्थों को बाहर निकलता हैं और अपने आप को स्ट्रांग करता हैं! उपवास से शरीर में जमा अतिरिक्त वसा भी धीरे-धीरे निकलने लगती हैं, जिससे शरीर मे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती हैं!

एक अध्ययन से पुष्टि होती हैं कि उपवास करने से शरीर में नए WHITE BLOOD CELLS का production होता हैं! जो कि शरीर के लिए बहुत आवश्यक हैं! उपवास के बाद खाना खाते समय फ़ास्ट फूड का प्रयोग कभी भी नहीं करें! क्योकिं अधिक समय अंतराल के बाद आप खाना खा रहें हो तो शुद्ध खाना खाए! आपको फलों सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए। [ यदि आप नही कर रहे हो तो करें ] जिससे शरीर को आवश्यक विटामिन्स ,मिनरल्स मिलते हैं! ये सभी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने मे महत्वपूर्ण सिध्द होते हैं।

4. Body detox करने के लिए उपवास

दोस्तों! उपवास से बॉडी डिटॉक्सिफाईड होती हैं! बॉडी को डिटोक्स करना उतना ही महत्वपूर्ण हैं जितना कि क्या खाना चाहिए और कैसे खाना चाहिए! खान -पान की आदतों के बदल जाने के कारण हमारे शरीर में अनावश्यक कचरा जमा हो जाता हैं! आधुनिक लाइफस्टाइल मे हम प्रोसेस्ड, डिनोटर्ड फूड खाते हैं, जो विष के जैसे होते हैं! ये आसानी से पचते भी नही हैं और ना ही शरीर को आवश्यक चीजें प्रदान करतें है! खाने के साथ- साथ आँते इन विषाक्त पदार्थों को भी सोंख लेती हैं! सभी बड़ी बिमारियों का कारण शरीर के अंदर विषाक्त पदार्थों का जमा होना ही होता है! इसलिए अगर सभी बड़ी-छोटी समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपकों बॉडी डिटोक्स करने की आवश्यकता हैं! और उपवास एक बहुत अच्छा उपाय हैं!

उपवास बॉडी डिटोक्स कैसें करता हैं?

देखो! हमारे शरीर को चलाने के लिए लगातार उर्जा की आवश्यकता होती हैं, जब हम उपवास करतें हैं तब शरीर के पास ऊर्जा के लिए कोई सोर्स नहीं होता है! इसलिए मस्तिष्क ऊर्जा के सोर्स को ढूंढना शुरू कर देता हैं। सबसे पहले मस्तिष्क यकृत में संग्रहीत ग्लाइकोजन को ऊर्जा में बदलता है! लेकिन ग्लाइकोजन से बहुत अधिक समय तक ऊर्जा प्राप्त नहीं की जा सकती हैं! ग्लाइकोजन से लगभग 12 घंटों के लिए ही ऊर्जा की व्यवस्था होती हैं! इसके बाद मस्तिष्क शरीर में जमा अतिरिक्त वसा को जलाकर ऊर्जा प्राप्त करना शुरु कर देता हैं! वसा के जलने के कारण वसा के साथ जमा हुए अनावश्यक, विषकारक पदार्थ मुक्त हो जाते है! मुक्त हुए विषकारक पदार्थों को शरीर उत्सर्जन तंत्र के माध्यम से बाहर निकाल देता हैं! जिससे हमारा बॉडी डिटॉक्स हो जाता हैं।

5. उपवास स्किन टोन अच्छी करता हैं और चेहरे पर दाग- धब्बे,पिम्पल्स मिटाता हैं।

6. उपवास मस्तिष्क की कार्य प्रणाली को सुधारता हैं।

7. उपवास धार्मिकता को बढ़ाता है और मन को शांत रखता हैं।

8. उपवास से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता हैं और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता हैं।

उपवास में क्या नहीं करें

उपवास के समय निम्न सावधानियां रखनी चाहिए- गलत तरीके से भूखे रहकर या तले हुए भोजन खाकर उपवास न करें।

  1. Fasting के पहले और बाद में फास्ट फूड नहीं खाए।
  2. ज्यादा तले भुने, मिर्च- मसालो वाला भोजन ना खाएं।
  3. उपवास के समय हाइड्रेट रहे, समय-समय पर पानी पिए।
  4. ज्यादा लंबे समय वाला उपवास ना करें।
  5. जिसको भूखे रहने से प्रोब्लम होती हैं वे उपवास ना करे।
  6. high blood pressure, diabetes के पेशेंट अपने डॉक्टर की सलाह से ही उपवास का मानस बनाए।

सारांश

दोस्तों! आशा करता हूँ कि आपको यर पोस्ट अच्छी लगी होगी। हमारी टीम ने उपवास या fasting को एक्सप्लेन करने की पूरी कोशिश की हैं। फिर भी आपका सवाल या suggestion हो तो बेझिझक कमेंट बॉक्स में लिखे।

जय हिंद। जय भारत।

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