Helicopter money

Helicopter money क्या होता हैं? यह कब काम में लिया जता हैं।

दोस्तों! आपनें helicopter money के बारें में तो सुना ही होगा। नाम से ऐसा लगता है कि जैसे आकाश से हेलिकॉप्टर द्वारा पैसे बरसाए जायेंगे। हैं ना एसा ही कुछ लगता हैं।

इसका अर्थ कुछ एसा ही होता हैं । सरकार को जब आर्थिक नीति में बदलाव करना होता हैं। या देश में आर्थिक मन्दी छाई रहती हैं। तब helicopter money का प्रयोग किया जाता हैं।

नहीं भी सुना हुआ हैं तो आज हम इसी के बारें में चर्चा करने वाले हैं।

चलिए शुरु करते हैं।

सोचो कि एक रोज आप सोकर उठते हैं। आप अचानक अपना मोबाइल चैक करते हैं।

आपको पता चलता है कि आपके account में पैसे जमा हुए हैं। हालांकि यह एक कल्पना है, लेकिन ऐसा होना संभव भी हो सकता है वो हैं ‘हेलीकॉप्टर मनी’ के जरिए।

वास्तव में हेलीकॉप्टर मनी में यह होता हैं कि Government सीधे ही उपभोक्ता के account में money डाल देती हैं।

Helicopter money का उदेश्य क्या हैं?

इसका ये उद्देश्य होता है कि लोग ज्यादा से ज्यादा खर्च करें। ताकि अर्थव्यवस्था में मजबूती आए।

जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी वैसे-वैसे कीमतें भी बढ़ेंगी और इस प्रकार इकॉनमी मजबूत होगी।

ताकि मंदी के दौरान अर्थव्यवस्था को उत्तेजित किया जा सके। या जब ब्याज दरें शून्य हो जाएं।

कोई देश धीमी दर से गति करता है या कोई देश विकास नहीं करता है, तो वहां पर helicopter money कुछ हद तक अच्छा साबित हो सकता हैं।

Helicopter money का अर्थ

जिस प्रकार एक helicopter से पैसो की बरसात की जाती हैं, ठीक उसी प्रकार हेलिकॉप्टर मनी को माना जाता हैं।

यह एक राशि है जिसको नए money के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

अर्थात् नयी मुद्रा को छापना और उसे जनता के बीच वितरित किया जाना।

Helicopter money का इतिहास

Helicopter money का पहली बार प्रयोग 1969 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रीडमैन ने किया था।

1. यह बात हैं सन 2016 की हैं।

जब जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और जापानी केंद्रीय बैंक प्रमुख हारुहिको कुरोदा थे।

उस समय अमेरिकी फेड रिजर्व (US Federal Reserve) के पूर्व चेयरमैन बेन बर्नेक थे। जब जापान में helicopter money के उपयोग पर विचार किया। फिर भी, जापान ने सीधे तौर पर इसे लागू नहीं किया। जापान अपने देश की धीमी वृद्धि के साथ संतुष्ट नहीं था। लेकिन इससे हाइपरफ्लिनेशन और मुद्रा अवमूल्यन की स्थिति बन सकती थी। इसलिए, bank of Japan ने मौद्रिक आपूर्ति बढ़ाने के लिए एक तरीका लगाया। उसने इस प्लान मे कुछ अलग-अलग एसेट्स (साझेदारियां और खरीद) शामिल की थी। जैसे- सरकारी बॉन्ड, बुनियादी ढांचे की रूपरेखा और निम्न-आय वाले लोगों को भुगतान आदि तरीके लगाये।

2. कुछ रिपोर्ट्स की माने तो यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) ने भी मार्च 2016 में helicopter money में दिलचस्पी दिखाने की बात कही गई है। लेकिन, ECB ने इसे लागू नहीं किया था।

3. सन 2008-09 के वित्तीय संकट के दौर में अमेरिका में इसका इस्तेमाल किया गया था।

हेलीकाप्टर मनी से हानियाँ

किसी देश को आर्थिक विकास के लक्ष्यों तक पहुँचना आसान नहीं होता।

फिर भी उस देश का सेंट्रल बैंक बहुत कुछ कर सकता हैं।

उसके सेन्ट्रल बैंक को अपनी ब्याज दरें निर्धारित करनी होती है। हेलीकाप्टर मनी में केंद्रीय बैंक किसी भी लागत को फिर से प्राप्त करने के लिए ब्याज दरों का उपयोग नहीं कर सकता है, क्योंकि मनी ऋण के रूप में नहीं है। helicopter money में तो पैसा सीधे जनता को दिया जाता है।

  1. विदेशी मुद्रा बाजार में उस देश की मुद्रा का अवमूल्यन हो सकता है। अर्थात् उस देश की मुद्रा की कीमत कम हो जाना।
  2. इससे होगा यह कि मुद्रास्फीति होगी और नुकसान हो सकता है। अर्थात् महंगाई का बढ़ जाना। यह हेलीकाप्टर मनी की मुख्य हानियों में से एक यह हैं।
  3. जैसे-जैसे अधिक मनी प्रिंट होता है और आपूर्ति बढ़ती है, घरेलू मुद्रा के मूल्य में काफी कमी आ सकती है। अर्थात् उस देश की घरेलू मुद्रा की कीमत भी कम हो जायेगी।

इसे एक उदहारण से समझते हैं- माना कि किसी देश के केन्द्रिय बैंक ने बहुत सारे helicopter money छाप दिये हैं। तो सभी लोगों के पास खूब पैसा होगा। सभी के पास खूब पैसा होगा तो कौन काम करेगा। सब सोचेंगे कि हम हमरे जरुरत की चीजें खरीद लेंगे। एसे करते-करते स्थिति खराब हो जायेगी और कुछ एसा होगा। जैसा नीचे दर्शाया गया हैं।

उदहारण

इसे एक समान्य उदहारण से समझते हैं ।

जैसे किसी व्यक्ति विशेष को किसी वस्तु (चीनी) की सक्त जरूरत हैं।

किसी अन्य व्यक्ति को भी उसी वस्तु (चीनी) की सक्त जरुरत हैं।

तो दोनों व्यक्ति उस वस्तु (चीनी) को लेने की कोशिश करेंगे ।और उसे वही व्यक्ति ले पायेगा जो उस वस्तु (चीनी) की ज्यादा कीमत दे पायेगा। अर्थात् जो चिनी जी 40 मुद्रा/किलोग्राम की थी अब वह 100 मुद्रा/किलोग्राम भी नहीं मिल पा रही हैं।

इस प्रकार मुद्रा की कीमत कम हो जायेगी और महंगाई बढ़ जायेगी।

कोरोना वायरस की वजह से शुरू हुई हेलीकाप्टर मनी पर चर्चाएं ।

कोरोना की वजह से दुनियाभर में संकट मंडरा रहा हैं।

लॉक डाउन और कम्युनिटी डिस्टेंसींग के कारण सभी धन्धे ठप पड़े हुए हैं।

इसलिए विभिन्नदेशों की अर्थव्यवस्थाओं की हालत खस्ता हो गई हैं।

यही कारण हैं कि एक बार फिर helicopter money की चर्चाएं शुरू हो गई है।

आपको बता दे कि helicopter money का प्रयोग बहुत पहले से ही किया जाता आ रहा हैं।

वर्तमान में भी हालात कुछ एसे ही नजर आ रहे हैं और इसका उपयोग पहलें भी हुआ था।

इसलिए वर्तमान में helicopter money की ज्यादा संभावनाएं जताई जा रही है।

हालांकि सरकार इसे विभिन्न प्लानस के साथ पेश कर सकती हैं।

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