सूचना प्रौद्योगिकी

सूचना प्रौद्योगिकी

जैसे-जैसे मानव ने विकास किया हैं । वैसे-वैसे सूचनाओं को एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाने के लिए भी द्रुत साधनों की आवश्यकता होने लगी हैं।

कहतें हैं कि आवश्यकता आविष्कार की जननी होती हैं।

जैसे-जैसे आवश्यकता बढ़ने लगी संचार के साधन भी   बढ़ने लगे।

इसी प्रकार  धीरे-धीरे सूचना प्रौद्योगिकी का विकास होने लगा।

इस कटेगरी में हम यही जानेंगे की सूचना एवम् संचार प्रौद्योगिकी के इस युग में कौन कौन से साधनों का उपयोग किया जाता है।

और वे साधन कैसें काम करते हैं।

उनकी कार्य प्रणालियाँ क्या क्या हैं।

Search engine

Search engine (सर्च इंजन) क्या होते हैं? कम्प्लिट जानकारी।

जब भी आपको किसी भी विषय से संबंधित सामग्री पढ़नी है, तो आप अपने काम के प्रश्नों को कैसे खोज सकेंगे? कैसे जान सकेंगे कि आपके काम का प्रश्न किस टाईटल के साथ कहां रखा हुआ है। आपकी इसी समस्या का निवारण के लिए सर्च इंजन उपलब्ध है। अन्य साईटस की भांति सर्च इंजन भी विशिष्ट कार्य के लिए तैयार किये जाते हैं। जो एक प्रकार से वेबसाइट ही है। इसका कार्य WWW पर रखे कन्टेन्ट के भंडार में से उन सामग्री को ढूंढना हैं, जिसको कि आप सर्च कर रहे हैं।

WWW

www (वर्ल्ड वाईड वेब) क्या होता हैं? यह कैसें काम करता हैं?

वर्ल्ड वाइड वेब के अंतर्गत पाठ्य सामग्री ग्राफ, तस्वीरें,संगीत, फिल्म आदि कई सारे आते हैं। जिनको की उपभोग करता आसानी से देख पाता है। इंटरनेट की प्रसिद्धि व इसकी उपयोगिता का अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि विश्व में सभी बड़ी कंपनियां, संस्थाएं, पत्र-पत्रिकाएं ने अपनी-अपनी वेबसाइट बना रखी है और उसी के माध्यम से वे संचालित होती है।

VFX

VFX क्या होता हैं? इसका अर्थ क्या हैं? यह कितने प्रकार का होता हैं?

वीएफएक्स वह तकनीकी हैं जिसके माध्यम से वीडियो में, वे सब चीजें दिखाई जा सकती हैं जो वास्तव में में करना नामुमकिन हैं। अर्थात् इन actions को लाईव करना बहुत खतरनाक हो जाता हैं। एसे सभी actions वीएफएक्स के माध्यम से दिखाये जातें हैं।

Virtual reality

virtual reality (VR) technology क्या हैं?? यह कैसें काम करती हैं।

वर्चुअल रियलिटी एक कृत्रिम वातावरण हैं। जिससे आपकों वास्तविकता की अनुभूति होतीं हैं,लेकीन वास्तव होता नहीं हैं। यह सॉफ्टवेयर के माध्यम से बनाया जाता तो और देखने वाले के सामने इस प्रकार प्रस्तुत किया जाता हैं कि देखने वाले का दिमाग,उस कल्पनिकता को यथार्थ समझ बैठता हैं।

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